नई दिल्ली8 दिन पहले
कॉपी लिंक
बाबा केदारनाथ धाम के कपाट 2 मई को सुबह 7.00 बजे खुलेंगे।
चारधाम यात्रा शुरू हो गई है। गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट 30 अप्रैल अक्षय तृतीया को खुल गए हैं। वहीं केदारनाथ धाम के कपाट 2 मई को खुलेंगे। इसके बाद 4 मई को बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलेंगे।
बाबा केदार की पंचमुखी डोली केदारनाथ धाम पहुंच गई है। शुक्रवार सुबह विधि विधान से पूजा-अर्चना के बाद धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे। केदारनाथ धाम में तैयारियां भी शुरू हो गई हैं।
ऐतिहासिक मंदिर को 10 हजार किलोग्राम फूलों से सजाया गया है। इसमें 45 तरह के फूल शामिल हैं। ये फूल 8 राज्य और 3 देशों से मंगवाए गए हैं। शृंगार वडोदरा और कोलकाता के कारीगर कर रहे हैं।
केदारनाथ के कपाट खुलने के बाद 6 महीनों तक भक्त दर्शन कर सकेंगे। जून से अगस्त के बीच अगर मौसम सही रहता है, तो इस बार 25 लाख से ज्यादा लोगों के केदारनाथ धाम पहुंचने का अनुमान है।
केदारनाथ मंदिर के शृंगार की तस्वीरें…

भगवान की पंचमुखी डोली यात्रा केदारनाथ धाम पहुंची।

भगवान की पंचमुखी डोली यात्रा के दर्शन के लिए जमा श्रद्धालुओं की भारी भीड़।

पूरे मंदिर को 45 विभिन्न किस्मों के फूलों की लड़ियों से सजाया गया है।

जम्मू-कश्मीर, पंजाब, बिहार, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, गुजरात और दिल्ली से फूल मंगवाए गए हैं।

सजावट के लिए पं. बंगाल के भी 50 कारीगर बुलाए गए हैं, जो फूलों की कलाकारी में माहिर हैं।

देश के 8 राज्यों के अलावा थाईलैंड, श्रीलंका और नेपाल से भी फूल मंगवाए गए हैं।

केदारनाथ 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यह उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में 11,968 फीट की ऊंचाई पर स्थित है।

केदारनाथ मंदिर 6 महीनों तक बंद रहता है। यह मंदिर चारधाम तीर्थयात्रा की शुरुआत का प्रतीक है।
केदारनाथ मंदिर का सबसे पहले बाहरी द्वार खुलेगा केदारनाथ मंदिर के मुख्य पुजारी जगद्गुरु रावल भीमाशंकर लिंग शिवाचार्य ने कहा- केदारनाथ मंदिर के कपाट शुक्रवार सुबह 7 बजे खुलेंगे। उससे पहले सैन्य मौजूदगी और पुष्प सज्जा के साथ अनुष्ठान किए जाएंगे। सबसे पहले बाहरी द्वार खुलेगा, फिर भीतरी द्वार। शुरुआत में पुजारी समेत केवल 4 लोग ही प्रवेश करेंगे। पहली पूजा उसी विधि से होगी, जैसी छह महीने तक बंद पूजा के दौरान होती है। यह निरंतरता ही केदारनाथ को एक शक्तिशाली आध्यात्मिक प्रतीक बनाती है।
क्या बोले श्रद्धालु जर्मनी से केदारनाथ पहुंची एक श्रद्धालु मेखला ने कहा- यह स्थान अत्यंत ऊर्जावान है। यह स्वर्ग के बहुत करीब है। मुझे लगता है कि यह जगह भगवान शिव का आंतरिक आह्वान है।
केदारनाथ की यात्रा पर आए एक श्रद्धालु ने बताया- यात्रा के लिए बहुत अच्छी व्यवस्था की गई है। विश्राम की व्यवस्था भी बहुत अच्छी है। मौसम भी हमारे लिए अनुकूल है। प्रशासन हमें हर समय मार्गदर्शन कररहा है, जिससे हमें कोई परेशानी न हो।
———————————————
चारधाम यात्रा से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें…
गंगोत्री-यमुनोत्री के पट खुले, श्रद्धालु बोले- आने में डर लगा, लोगों में पहलगाम हमले का गुस्सा

30 अप्रैल को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा शुरू हो गई है। यमुनोत्री धाम में पहले दिन शाम 5 बजे तक 7 हजार लोगों ने दर्शन किए। गंगोत्री धाम में मां गंगा के जयकारों के साथ यात्रा की शुरुआत हुई। यहां पहले दिन करीब 6 हजार तीर्थ यात्री पहुंचे। पूरी खबर पढ़ें…
गंगोत्री-यमुनोत्री से केदारनाथ-बद्रीनाथ तक के बारे में सब कुछ

30 अप्रैल को गंगोत्री और यमुनोत्री मंदिर के कपाट खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा शुरू हो गई। इस बार 50 लाख से ज्यादा यात्रियों के चारधाम पहुंचने की उम्मीद है। हमने यात्रा शुरू होने के पहले उत्तराखंड पहुंचकर चारों धाम गंगोत्री, यमुनोत्री, बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम के रूट देखे और आपके लिए एक टूरिस्ट फ्रेंडली चारधाम यात्रा गाइड और रूट मैप बनाया है। पढ़िए पूरी खबर…
खबरें और भी हैं…



