अहमदाबाद3 मिनट पहले
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सीरियाई नागरिक को अहमदाबाद के एलिसब्रिज रीगल होटल से गिरफ्तार किया गया।
गुजरात के अहमदाबाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे से पहले क्राइम ब्रांच ने शनिवार को एलिसब्रिज रीगल होटल से एक सीरियाई नागरिक को गिरफ्तार किया। उसकी पहचान 23 साल के अली मेघात अल-अजहर के रूप में की गई है।
क्राइम ब्रांच के जाइंट पुलिस कमिश्नर शरद सिंघल ने बताया कि अली के पास से 3600 अमेरिकी डॉलर और 25 हजार भारतीय कैश मिला है। उसके शरीर पर गोलियों सहित चोट के कई निशान पाए गए हैं। उसके मोबाइल में गाजा में भुखमरी और वहां के लोगों पर हो रहे अत्याचार के वीडियो भी मिले हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, अली अपने 3 साथियों के साथ गाजा पीड़ितों के नाम पर मस्जिदों और दूसरे जगहों से फंड जुटाता था। फिर उन पैसों से लग्जरी लाइफस्टाइल जीते थे। अन्य 3 सीरियाई नागरिक फरार हैं। पुलिस को शक है कि वे किसी खास मकसद से अहमदाबाद में रेकी करने आए थे।
अबू धाबी से कोलकाता और फिर अहमदाबाद आए

सीरियाई नागरिकों का एक CCTV फुटेज भी मिला है, जिसमें वे सामान के साथ घूमते दिखे।
क्राइम ब्रांच के मुताबिक, अली सहित कुल 4 सीरियाई युवक सीरिया की राजधानी दमिश्क से अबू धाबी आए थे। वहां से 22 जुलाई को टूरिस्ट वीजा पर पहले कोलकाता पहुंचे और 2 अगस्त को अहमदाबाद आए थे। ये सभी लोग केवल अरबी भाषा में बात करते थे।
सीरियाई युवकों का यह ग्रुप गाजा में युद्ध के चलते भुखमरी और त्रासदी की वीडियो दिखाकर अहमदाबाद की मस्जिदों से पैसों की उगाही कर रहा था। क्राइम ब्रांच ने शहर की सभी मस्जिदों में जांच की। इस दौरान पता चला कि आरोपी ऑनलाइन और कैश, दोनों माध्यमों से फंड इकट्ठा कर रहे थे।
एक ही होटल में ठहरे थे चारों सीरियाई नागरिक हालांकि, वे गाजा को डोनेशन भेज रहे थे, जांच अधिकारियों को इस बात का कोई सबूत नहीं मिला। पूछताछ के दौरान, गिरफ्तारी सीरियाई नागरिक ने माना कि उसका गिरोह अमीर लाइफस्टाइल जीने के डोनेशन के नाम पर रुपए जुटा रहा था।
अली के अलावा 3 आरोपियों की पहचान अहमद अलहबाश, जकारिया अलजहर और यूसुफ अलजहर के रूप में हुई है। सभी एक ही होटल में ठहरे थे, लेकिन अली की गिरफ्तारी के बाद से तीनों फरार हैं। उनके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया है ताकि वे भारत से भाग न सकें।
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